Saturday, June 19, 2021
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महाराजा सूरजमल का युग एवं प्रवृत्तियाँ

इस पुस्तक में भरतपुर के महाराजा सूरजमल के जीवन की गाथा, संघर्ष एवं उपलब्धिायें का इतिहास लिखा गया है। Yug Nirmata Maharaja Surajmal

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मुगल राज्य के विघटन में मेवाड़ की भूमिका

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23 सितम्बर 1698 को महाराणा जयसिंह का निधन हो गया और उसका पुत्र अमरसिंह (द्वितीय) महाराणा हुआ। उसके शासन काल में 21 फरवरी 1707...

मराठा राजनीति में मेवाड़ (1)

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छत्रपति शिवाजी ने मराठों के स्वतंत्र राज्य की स्थापना औरंगजेब के जीवन काल में ही कर दी थी। शिवाजी की मृत्यु के बाद औरंगजेब...

मराठा राजनीति में मेवाड़ (2)

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मराठों के विरुद्ध विशाल अभियान नवम्बर 1734 में मुगल बादशाह मुहम्मदशाह रंगीला द्वारा वजीर कमरूद्दीन के नेतृत्व में एक विशाल सेना मालवा भेजी गई। दूसरी...

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अल्पवयस्क महाराणाओं के काल में मेवाड़ की दुर्दशा 5 जून 1751 को महाराणा जगतसिंह (द्वितीय) का निधन हो गया। उस समय उसका बड़ा पुत्र प्रतापसिंह...

मराठा और पिण्डारियों के प्रति ईस्ट इण्डिया कम्पनी की राजनीति

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ई.1608 से ईस्ट इण्डिया कम्पनी भारत में व्यापार कर रही थी तथा व्यापारिक सुविधाओं के प्रसार के नाम पर, भारत के देशी राज्यों को...