Monday, September 20, 2021
Home श्रेष्ठ ऐतिहासिक उपन्यास भगवान कल्याणराय के आंसू और महाराजा रूपसिंह राठौड़

भगवान कल्याणराय के आंसू और महाराजा रूपसिंह राठौड़

इस ऐतिहासिक उपन्यास में शाहजहां के सबसे विश्स्त राजपूत राजा किशनगढ़ नरेश महाराजा रूपसिंह राठौड़ की जीवन गाथा को आधार बनाया गया है जिसने शामूगढ़ की लड़ाई में औरंगजेब के हाथी की अम्बारी की रस्सियां काटते हुए अपने प्राण न्यौछावर किए थे। यह उपन्यास आज से कुछ वर्ष पहले भगवान कल्याण राय के आंसू और महाराजा रूपसिंह राठौड़ के नाम से प्रकाशित हुआ था।

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अनुक्रमणिका – बाबर के बेटों की दास्तान

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बाबर के बेटों की दर्द भरी दास्तान – प्राक्कथन1कुत्तों का मांस खाने लगे ययाति के वंशज!2नुकीली टोपी वाले हूणों का एक कबीला तुर्क कहलाने...

बाबर के बेटों की दर्द भरी दास्तान – प्राक्कथन

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अत्यंत प्राचीन काल से चीन देश के उत्तरी रेगिस्तिान में तुर्क एवं मंगोल नामक युद्ध-जीवी कबीले रहा करते थे जो पेट भरने के लिए...

1. कुत्तों का मांस खाने लगे ययाति के वंशज!

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चूंकि मुगलों का उद्भव तुर्कों एवं मंगोलों के रक्त-मिश्रण से हुआ था इसलिए मुगलों के इतिहास में जाने से पहले हमें तुर्कों एवं मंगोलों...

2. नुकीली टोपी वाले हूणों का एक कबीला तुर्क कहलाने लगा !

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भारतीय पुराणों के अनुसार राजा ययाति के शापित पुत्रों- तुर्वसु एवं अनु के वंशजों ने कुत्ते, बिल्ली, सांप आदि का मांस खाना आरम्भ कर...

3. तुर्कों ने मंगोलों से खाँ की उपाधि छीन ली!

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जिस समय हूण मंगोलिया से निकलकर बाल्हीक देश की तरफ जाने आरम्भ हुए थे, उस समय उनके पड़ौस में उनके ही जैसी एक और...