मेवाड़ महाराणा सैंकड़ों साल से इतिहास के लिए आकर्षण का विषय रहे हैं। इस पृष्ठ पर मेवाड़ के महाराणाओं पर कुछ वीडियो के लिंक दिए गए हैं।
मेवाड़ महाराणा प्रताप कभी चित्तौड़ के किले में क्यों नहीं गए!
मेवाड़ महाराणा प्रताप के पिता उदयसिंह के समय में अकबर ने चित्तौड़ दुर्ग पर अधिकार कर लिया था। जब प्रताप महाराणा हुए तो उन्होंने इस दुर्ग को वापस लेने के लिए जीवन भर संघर्ष किया किंतु चित्तौड़ दुर्ग में महाराणा के रूप में कभी भी प्रवेश नहीं कर पाए-
चित्तौड़ दुर्ग को जीतने के बाद अकबर ने क्या किया?
अकबर को भारत का महान् राजा बताया जाता है किंतु वह एक क्रूर और कट्टर शासक था। इसके कई प्रमाण मिलते हैं। जब उसने चित्तौड़ के दुर्ग पर अधिकार किया तो दुर्ग में रहने वाले तीस हजार निर्दोष लोगों का कत्लेआम करवाया-
अकबर ने चित्तौड़ दुर्ग की दीवारों को बारूद से उड़ा दिया!
चित्तौड़ दुर्ग मोटी और अभेद्य दीवारों से सुरक्षित था किंतु अकबर ने इस दुर्ग की दीवारों को गिराने के लिए उनकी नींव में बारूद भरवाकर उनमें आग लगा दी-
किस गद्दार ने जलाया था चित्तौड़ का किला!
गुजरात के जिस मुस्लिम शहजादे को चित्तौड़ दुर्ग ने उसके दुर्दिनों में सहायता दी थी, उसी शहजादे ने गुजरात का शासक बनने के बाद चित्तौड़ का किला जला दिया-
कितनी बार मुस्लिम शासक चित्तौड़ दुर्ग में घुसे ?
भारत के इतिहास चित्तौड़ दुर्ग की वीरता एवं अभेद्यता के किस्सों से भरा पड़ा है किंतु यह दुर्ग अभेद्य नहीं था। मुसलमान इस दुर्ग में कई बार घुसने में सफल रहे-
क्या इतिहासकारों ने मेवाड़ महाराणा उदयसिंह का गलत मूल्यांकन किया है?
अकबर ने मेवाड़ के महाराणा उदयसिंह के समय में चित्तौड़ दुर्ग पर अधिकार कर लिया था। इस कारण इतिहासकारों ने उदयसिंह को कमजोर महाराणा बताया है किंतु इस निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले वे उन परिस्थितियों पर विचार नहीं करते जिनके चलते उदयसिंह को दुर्ग छोड़ना पड़ा था-
कुम्भलगढ़ दुर्ग में हुई थी मेवाड़ महाराणा कुम्भा की हत्या
मेवाड़ के महाराणा कुंभा भारत भर के राजाओं में महान् हुआ है किंतु दुर्भाग्य से राज्य लोभी पुत्र ने ही इस महान् राजा को दुर्ग के भीतर मार डाला-







