Wednesday, July 28, 2021

लाल किले की दर्द भरी दास्तां

इतिहास पुरुष

आधुनिक भारत का इतिहास

आधुनिक भारत का इतिहास, लेखक डॉ. मोहनलाल गुप्ता – अनुक्रमणिका

अध्याय अध्याय – 1 : भारत में यूरोपीय जातियों का आगमनअध्याय – 2 : अंग्रेजों के आगमन के समय भारत की राजनीतिक स्थिति -...

अध्याय – 1 : भारत में यूरोपीय जातियों का आगमन

सिकंदर के भारत में आने (523 ई.पू.) से भी बहुत पहले, रोम के एक शासक ने कहा था- 'भारतीयों के बागों में मोर, उनके...

अध्याय – 2 : अँग्रेजों के आगमन के समय भारत की राजनीतिक स्थिति – 1

अँग्रेज भारत में समुद्री मार्ग से 1608 ई. में आये। उस समय भारत में मुगल बादशाह जहाँगीर का शासन था। मुगलों की केन्द्रीय सत्ता...

साहित्य

बुढ़िया का चश्मा , (हिन्दी लघु नाटक)

प्रस्तावना बुढ़िया का चश्मा भारतीय राजनीति तथा भारत में फैले भ्रष्टाचार पर एक करारा व्यंग्य है। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद लोगों की आकांक्षाएं जिस प्रकार...

अश्वत्थामा के आँसू

हास्य व्यंग्य नाटिका भूमिका महाभारत का युद्ध हुए 5300 वर्ष से भी अधिक समय व्यतीत हो चुका है किंतु आज भी महाभारत की कथा का रोमांच...

प्रस्तावना

अकबर के राज्यारोहण के समय राजस्थान में ग्यारह रियासतें थीं जिनमें से मेवाड़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर तथा प्रतापगढ़ पर गुहिल, जोधपुर एवं बीकानेर पर राठौड़,...
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मध्यकालीन भारत

मध्यकालीन भारत का इतिहास – अनुक्रमणिका

 भूमिका अध्याय – 1 (अ) : मध्यकालीन भारतीय इतिहास जानने के महत्त्वपूर्ण स्रोत अध्याय – 1 (ब) : मध्यकालीन भारतीय इतिहास जानने के महत्त्वपूर्ण स्रोत अध्याय –...

अनुमणिका – दिल्ली सल्तनत की दर्द भरी दास्तान

1.            किताबें लिखे जाने से पहले पूरी दुनिया सनातन धर्म को मानती थी! 2.            अरब के रेगिस्तान में भी पूजे जाते थे भारतीय देवी-देवता! 3.            जेहाद...

प्राक्कथन – दिल्ली सल्तनत की दर्दभरी दास्तान

भारत आदिकाल से हिन्दुओं का देश है। सृष्टिकर्ता ने इस देश को प्राकृतिक सम्पदा, मेधा एवं संस्कृति की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध बनाया है।...

अनुक्रमणिका – लाल किले की दर्द भरी दास्तान

अनुक्रमणिका – लाल किले की दर्द भरी दास्तान प्राक्कथन – लाल किले की दर्द भरी दास्तां 1. परिवार का कोई सदस्य प्रेम नहीं करता था लाल...

1. किताबें लिखे जाने से पहले पूरी दुनिया सनातन धर्म को मानती थी!

मध्यएशिया से आए तुर्की कबीलों ने ई.1192 से ई.1526 तक भारत के बहुत बड़े भूभाग पर शासन किया जिसे दिल्ली सल्तनत कहा जाता है।...

विश्व-इतिहास

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1. जय हो जग में जले जहाँ भी पुनीत अनल को!  2. युग-पुरुष भैरोंसिंह शेखावत   3. लगातार चार बार विधायक बने  4. कर्मचारियों को वापस नौकरी...

युग निर्माता सवाई जयसिंह – अनुक्रमणिका

1. प्राक्कथन   2. सवाई जयसिंह के पूर्वज  3. सवाई जयसिंह के सिंहासनारोहण के समय राजनैतिक परिस्थितियाँ  4. औरंगजेब और सवाई जयसिंह  5. उत्तराधिकार के युद्ध के...

युग निर्माता राव जोधा – अनुक्रमणिका

भूमिका  राव जोधा के पूर्वज  मरुस्थल की राजनीति में राठौड़़ों का उदय    रणमल द्वारा मेवाड़ राज्य की रक्षा   जोधा का दीर्घ कालीन संघर्ष  जोधा को मण्डोर राज्य...

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