Monday, January 24, 2022

लाल किले की दर्द भरी दास्तां

इतिहास पुरुष

आधुनिक भारत का इतिहास

आधुनिक भारत का इतिहास, लेखक डॉ. मोहनलाल गुप्ता – अनुक्रमणिका

अध्याय अध्याय – 1 : भारत में यूरोपीय जातियों का आगमनअध्याय – 2 : अंग्रेजों के आगमन के समय भारत की राजनीतिक स्थिति -...

अध्याय – 1 : भारत में यूरोपीय जातियों का आगमन

सिकंदर के भारत में आने (523 ई.पू.) से भी बहुत पहले, रोम के एक शासक ने कहा था- 'भारतीयों के बागों में मोर, उनके...

अध्याय – 2 : अँग्रेजों के आगमन के समय भारत की राजनीतिक स्थिति – 1

अँग्रेज भारत में समुद्री मार्ग से 1608 ई. में आये। उस समय भारत में मुगल बादशाह जहाँगीर का शासन था। मुगलों की केन्द्रीय सत्ता...

साहित्य

बुढ़िया का चश्मा , (हिन्दी लघु नाटक)

प्रस्तावना बुढ़िया का चश्मा भारतीय राजनीति तथा भारत में फैले भ्रष्टाचार पर एक करारा व्यंग्य है। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद लोगों की आकांक्षाएं जिस प्रकार...

अश्वत्थामा के आँसू

हास्य व्यंग्य नाटिका भूमिका महाभारत का युद्ध हुए 5300 वर्ष से भी अधिक समय व्यतीत हो चुका है किंतु आज भी महाभारत की कथा का रोमांच...

प्रस्तावना

अकबर के राज्यारोहण के समय राजस्थान में ग्यारह रियासतें थीं जिनमें से मेवाड़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर तथा प्रतापगढ़ पर गुहिल, जोधपुर एवं बीकानेर पर राठौड़,...
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मध्यकालीन भारत

अनुक्रमणिका – बाबर के बेटों की दास्तान

बाबर के बेटों की दर्द भरी दास्तान – प्राक्कथन1कुत्तों का मांस खाने लगे ययाति के वंशज!2नुकीली टोपी वाले हूणों का एक कबीला तुर्क कहलाने...

बाबर के बेटों की दर्द भरी दास्तान – प्राक्कथन

अत्यंत प्राचीन काल से चीन देश के उत्तरी रेगिस्तिान में तुर्क एवं मंगोल नामक युद्ध-जीवी कबीले रहा करते थे जो पेट भरने के लिए...

1. कुत्तों का मांस खाने लगे ययाति के वंशज!

चूंकि मुगलों का उद्भव तुर्कों एवं मंगोलों के रक्त-मिश्रण से हुआ था इसलिए मुगलों के इतिहास में जाने से पहले हमें तुर्कों एवं मंगोलों...

2. नुकीली टोपी वाले हूणों का एक कबीला तुर्क कहलाने लगा !

भारतीय पुराणों के अनुसार राजा ययाति के शापित पुत्रों- तुर्वसु एवं अनु के वंशजों ने कुत्ते, बिल्ली, सांप आदि का मांस खाना आरम्भ कर...

3. तुर्कों ने मंगोलों से खाँ की उपाधि छीन ली!

जिस समय हूण मंगोलिया से निकलकर बाल्हीक देश की तरफ जाने आरम्भ हुए थे, उस समय उनके पड़ौस में उनके ही जैसी एक और...

विश्व-इतिहास

स्वतंत्रता संगा्रम से पहले भारत में साम्प्रदायिक हिंसा – 1921 1931

बीसवीं सदी के भारत में साम्प्रदायिक हिंसा के युग की शुरुआत मालाबार के मुस्लिम मोपलाओं ने की। अठारहवीं सदी में मोपलाओं ने टीपू सुल्तान...

देश में उग्र-हिन्दुत्व की लहर

विजयी  विश्व तिरंगा प्यारा जब भारत साम्प्रदायिक हिंसा की आग में जलने लगा तो भारतवासियों को उनके गौरव का स्मरण कराने के लिए ई.1924 में...

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जिन्ना को प्रेमपत्र लिखा करती थीं सरोनी नायडू!

भारतीय राजनीति में जिन्ना का उदय देश को पाकिस्तान की ओर ले जाने वाले प्रमुख तत्त्वों में से एक था। मुहम्मद अली जिन्ना का...

गांधी और नेहरू को सार्वजनिक मंचों से अपमानित करता था जिन्ना!

अंग्रेजी रंग में रंगा था पाकिस्तान का भावी जनक ई.1934 से ई.1947 तक की संक्षिप्त अवधि में भारतीय राजनीति के आकाश पर जिन्ना और गांधीजी...

विभाजित भारत का पहला नक्शा मुहम्मद इकबाल ने बनाया

मोहम्मद इक़बाल को अल्लामा इकबाल भी कहा जाता है। उसका जन्म 9 नवम्बर 1877 को पंजाब के सियालकोट जिले में (अब पाकिस्तान) में हुआ...

साम्प्रदायिकता का संवैधानिक विकास (1)

भारत में चल रहे क्रांतिकारी आन्दोलनों एवं स्वराज्य दल की गतिविधियों से विवश होकर ई.1927 में ब्रिटिश सरकार ने भारत में संवैधानिक सुधारों के...

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