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कल्लाजी राठौड़ चतुर्भुज रूप में प्रकट हो गए! (84)
वीर कल्लाजी राठौड़ और राजा जयमल राठौड़ दो-दो हाथों से तलवार चलाते हुए बढ़े! इसे चित्तौड़ के इतिहास में कल्लाजी राठौड़ चतुर्भुज रूप में...
सुप्रभेदागम: शैव आगम, दर्शन और मंदिर वास्तुकला का अद्भुत ग्रंथ
सुप्रभेदागम (Suprabhedagama) हिन्दू धर्म के शैव संप्रदाय की शैव सिद्धांत (Shaiva Siddhanta) परंपरा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण ग्रंथ है। सामान्यतः 'आगम' शब्द का प्रयोग...
नटराज शिव के तांडव में छिपा हिन्दू दर्शन और ब्रह्मांड विज्ञान
नटराज का शाब्दिक अर्थ है— नृत्य का राजा। यह शिव का वह अद्वितीय रूप है जिसमें वे नृत्य के माध्यम से सृष्टि के सृजन,...
कामिकागम (Kamikagama): शैव दर्शन और मंदिर वास्तुकला का आधार स्तंभ
कामिकागम ग्रंथ शैवसिद्धान्त परंपरा का एक प्रमुख संस्कृत ग्रंथ है, जिसमें मंदिर निर्माण, पूजा-विधि और तांत्रिक अनुष्ठानों का विस्तृत वर्णन मिलता है।
शैव दर्शन और...
समरांगण सूत्रधार – भारतीय स्थापत्य कला का विश्वकोश
समरांगण सूत्रधार (Samrangana Sutradhara) राजा भोज (Raja Bhoj) द्वारा रचित 11वीं शताब्दी का अद्वितीय ग्रंथ है। इसमें भारतीय स्थापत्य कला (Indian architecture) मंदिर निर्माण...
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