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पुराणों का सामान्य सर्वेक्षण

पुराणों का सामान्य सर्वेक्षण करते समय उनकी साहित्यिक परम्परा, रचनाकाल, विषयवस्तु और ऐतिहासिक उपयोगिता का अध्ययन आवश्यक है। 1. पुराणों का सामान्य सर्वेक्षण : उद्गम...

पुराणों की पौराणिकता

1. भारतीय वाङ्मय में पुराणों का महत्त्व भारतीय वाङ्मय में पुराणों का स्थान अतुलनीय है। पुराण धार्मिक, साहित्यिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक ज्ञान के महत्त्वपूर्ण स्रोत...

पुराणों का वास्तविक स्वरूप

पुराणों का वास्तविक स्वरूप जानने के लिए मूल ग्रन्थों, वैदिक सन्दर्भों, पारिभाषिक शब्दावली और ऐतिहासिक प्रमाणों का आलोचनात्मक अध्ययन आवश्यक है। 1. प्रस्तावना : पुराणों...

हिन्दू धर्म की युग-युगीन यात्रा

हिन्दू धर्म की युग-युगीन यात्रा हिन्दू धर्म की युग-युगीन यात्रा धरती पर घटित उन विलक्षण घटनाओं में से है जो मानवता के इतिहास में बहुत...

मोहन भागवत के नाम खुला पत्र

मोहन भागवत के नाम खुला पत्र मोहन भागवत के नाम खुला पत्र राष्ट्र, समाज और संस्कृति के प्रति समर्पित भाव से लिखा गया है। आज...

सगुण-निर्गुण अंतर्द्वन्द्व में फंसी कबीर की राम-भक्ति

हिन्दू सनातन धर्म परम्परा (Sanatan Dharma Tradition) में सगुण-निर्गुण अंतर्द्वन्द्व उपनिषदों के काल से ही दिखाई देने लगता है। कबीर की रामभक्ति भी इसी...

काशी नामकरण का ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य

काशी (Kashi) को पुराणों] धर्मशास्त्रों, विविध हिन्दू ग्रंथों, इतिहास ग्रंथों  तथा लोकपरंपरा में अनेक नामों से पुकारा जाता है। इसके प्रमुख नाम निम्नलिखित हैं— काशी...

तिरुक्कुरल : विश्व साहित्य का गौरव

तिरुक्कुरल (Thirukkural) केवल एक पुस्तक नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक संपूर्ण संहिता है। इसे 'तमिल वेद' और 'विश्व नीतिशास्त्र' के रूप...

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