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पिंगल भाषा : ब्रजभाषा का साहित्यिक रूप
पिंगल भाषा का नाम ऋषि पिंगल के नाम पर पड़ा है, जिन्होंने छंदों की रचना की थी। पिंगल भाषा ब्रजभाषा का साहित्यिक रूप है,...
छन्दःसूत्रम् – पिंगल भाषा का मुख्य ग्रंथ
पिंगलाचार्य द्वारा रचित प्रमुख ग्रंथ छन्दःसूत्रम् (Chhandsutram) है, जिसे छन्दःशास्त्र (Chhand Shastra) या पिंगलशास्त्र (Pingal Shastra) भी कहा जाता है। यह सूत्र (Formula) रूप...
पैरानॉर्मल मशीनें कैसे काम करती हैं!
पैरानॉर्मल मशीनें वास्तव में भूत पकड़ने वाली मशीनें नहीं होतीं। ये उपकरण केवल पर्यावरणीय बदलावों (जैसे तापमान, विद्युत-चुंबकीय क्षेत्र, ध्वनि, रोशनी) को मापते हैं...
चित्तौड़ दुर्ग में साका करने की तैयारी होने लगी (82)
चित्तौड़ दुर्ग में तीन साके हुए थे। प्रथम साका ई.1303 ईस्वी में रावल रतनसिंह के समय हुआ था। जब उल्लाउद्दीन खिलजी ने रानी पद्मिनी...
चित्तौड़ दुर्ग में जौहर की लाल लपटें आकाश का कलेजा जलाने लगीं (83)
अकबर के सैनिकों के हाथों में पड़कर दुर्गति से बचने के लिए हिन्दू वीरांगनाओं ने चित्तौड़ दुर्ग में जौहर का आयोजन किया। जब से...
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