इस उपन्यास में अकबर के प्रधान सेनापति अब्दुर्रहीम खनाखाना की जिंदगी को आधार बनाया गया है जो हिन्दी के सबसे बड़े कवियों में से एक हैं तथा भगवान श्रीकृष्ण के ऐसे भक्तों में सम्मिलित किए जाते हैं जिन्हें भगवान ने स्वयं दर्शन दिए!
हयशीर्ष पांचरात्र (Hayashirsha Pancharatra) वैष्णव आगम साहित्य का एक महत्वपूर्ण एक प्रमुख 'तुलनात्मक आगम' ग्रंथ है, जिसमें भगवान विष्णु के हयग्रीव रूप की उपासना,...
मूलतः शक्ति-पूजा एवं शिल्पशास्त्र पर केन्द्रित ग्रंथ अपराजितपृच्छा विविध विषयों की जानकारी देता है। अन्य विषयों के साथ-साथ, अपराजितपृच्छा में बावड़ी वर्णन बड़े विस्तार...
अपराजितपृच्छा में महिषासुरमर्दिनी और सप्तमातृकाओं का स्वरूप भारतीय संस्कृति में शक्ति पूजा की दार्शनिक पृष्ठभूमि को स्पष्ट करता है।
भारतीय संस्कृति में शक्ति पूजा की...