Friday, January 16, 2026
spot_img
Home धर्म-दर्शन आलेख संत तुलसीदास

संत तुलसीदास

संत तुलसीदास भारत की महान विभूति हुए हैं। सोलहवीं शताब्दी ईस्वी में मुगल बादशाह अकबर विभिन्न ष्ज्ञड़यंत्र करके हिन्दू धर्म को निगलने के लिए पूरे जोरों से कार्य कर रहा था। तब संत तुलसीदास ने रामचरित मानस के माध्यम से धनुर्धारी राम का आदर्श हिन्दू समाज के समक्ष रखा।

ऐसा राम जो स्वयं अवतार लेकर राक्षसों का वध करता है, शबरी के बेर खाकर समाज के प्रत्येक वर्ग को हिन्दू धर्म से जोड़ता है, अहिल्या का उद्धार करके स्त्रियों को अभयदान देता है तथा आज्ञाकारी पुत्र बनकर समाज के समक्ष परिवार के उच्च आदर्शों का प्रतिमान स्थापित करता है।

तुलसी का राम दिव्य है, विराट है, सहज रूप से उपलब्ध है तथा लोकमंगल के लिए समर्पित है। ऐसे राम को पाकर हिन्दू समाज का नया सम्बल प्राप्त हुआ। संत तुलसीदास ने रामचरित मानस के माध्यम से हिन्दी भाषा के लगभग 80 हजार शब्द भारत की जनता में प्रचलित किए। ऐसा महान् कार्य सैंकड़ों विश्वविद्यालय मिलकर भी नहीं कर सकते।आज का हिन्दू धर्म गोस्वामी तुलसीदास की रामचरित मानस पर ही खड़ा हुआ है।

इस शृंखला में हम संत तुलसीदास पर आलेख प्रस्तुत कर रहे हैं।

- Advertisement -

Latest articles

अपराजित पृच्छा - www.bharatkaitihas.com

अपराजित पृच्छा : शक्ति-पूजा और शिल्प परम्परा का अद्भुत ग्रंथ!

0
भारतीय संस्कृति में शक्ति-पूजा की परंपरा अत्यंत प्राचीन और गहन है। देवी-पूजन केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और दार्शनिक दृष्टि...
कल्लाजी राठौड़ चतुर्भुज रूप - www.bharatkaitihas.com

कल्लाजी राठौड़ चतुर्भुज रूप में प्रकट हो गए! (84)

0
वीर कल्लाजी राठौड़ और राजा जयमल राठौड़ दो-दो हाथों से तलवार चलाते हुए बढ़े! इसे चित्तौड़ के इतिहास में कल्लाजी राठौड़ चतुर्भुज रूप में...
सुप्रभेदागम - www.bharatkaitihas.com

सुप्रभेदागम: शैव आगम, दर्शन और मंदिर वास्तुकला का अद्भुत ग्रंथ

0
सुप्रभेदागम (Suprabhedagama) हिन्दू धर्म के शैव संप्रदाय की शैव सिद्धांत (Shaiva Siddhanta) परंपरा  का एक अत्यंत महत्वपूर्ण ग्रंथ है। सामान्यतः 'आगम' शब्द का प्रयोग...
नटराज शिव - www.bharatkaitihas.com

नटराज शिव के तांडव में छिपा हिन्दू दर्शन और ब्रह्मांड विज्ञान

0
नटराज का शाब्दिक अर्थ है— नृत्य का राजा। यह शिव का वह अद्वितीय रूप है जिसमें वे नृत्य के माध्यम से सृष्टि के सृजन,...
कामिकागम - www.bharatkaitihas.com

कामिकागम (Kamikagama): शैव दर्शन और मंदिर वास्तुकला का आधार स्तंभ

0
कामिकागम ग्रंथ शैवसिद्धान्त परंपरा का एक प्रमुख संस्कृत ग्रंथ है, जिसमें मंदिर निर्माण, पूजा-विधि और तांत्रिक अनुष्ठानों का विस्तृत वर्णन मिलता है। शैव दर्शन और...
// disable viewing page source