Wednesday, September 22, 2021
Home श्रेष्ठ ऐतिहासिक उपन्यास मोहेनजोदारो (संघर्ष)

मोहेनजोदारो (संघर्ष)

इस उपन्यास में आर्यों की वैदिक सभ्यता तथा सिंधु नदी घाटी की सैन्धव सभ्यता के बीच लगभग दस हजार वर्ष पहले हुए संघर्ष की कहानी लिखी गई है। मारवाड़ी सम्मेलन मुम्बई द्वारा वर्ष 2005 में इस उपन्यास को भारत के सर्वसेष्ठ हिन्दी उपन्यास के रूप में पुरस्तकृ किया गया था।

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अनुक्रमणिका – बाबर के बेटों की दास्तान

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बाबर के बेटों की दर्द भरी दास्तान – प्राक्कथन1कुत्तों का मांस खाने लगे ययाति के वंशज!2नुकीली टोपी वाले हूणों का एक कबीला तुर्क कहलाने...

बाबर के बेटों की दर्द भरी दास्तान – प्राक्कथन

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अत्यंत प्राचीन काल से चीन देश के उत्तरी रेगिस्तिान में तुर्क एवं मंगोल नामक युद्ध-जीवी कबीले रहा करते थे जो पेट भरने के लिए...

1. कुत्तों का मांस खाने लगे ययाति के वंशज!

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चूंकि मुगलों का उद्भव तुर्कों एवं मंगोलों के रक्त-मिश्रण से हुआ था इसलिए मुगलों के इतिहास में जाने से पहले हमें तुर्कों एवं मंगोलों...

2. नुकीली टोपी वाले हूणों का एक कबीला तुर्क कहलाने लगा !

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भारतीय पुराणों के अनुसार राजा ययाति के शापित पुत्रों- तुर्वसु एवं अनु के वंशजों ने कुत्ते, बिल्ली, सांप आदि का मांस खाना आरम्भ कर...

3. तुर्कों ने मंगोलों से खाँ की उपाधि छीन ली!

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जिस समय हूण मंगोलिया से निकलकर बाल्हीक देश की तरफ जाने आरम्भ हुए थे, उस समय उनके पड़ौस में उनके ही जैसी एक और...