Monday, January 26, 2026
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पैरानॉर्मल मशीनें कैसे काम करती हैं!

पैरानॉर्मल मशीनें वास्तव में भूत पकड़ने वाली मशीनें नहीं होतीं। ये उपकरण केवल पर्यावरणीय बदलावों (जैसे तापमान, विद्युत-चुंबकीय क्षेत्र, ध्वनि, रोशनी) को मापते हैं और उन बदलावों को संभावित अलौकिक गतिविधि से जोड़कर देखा जाता है।

पैरानॉर्मल मशीनों के सम्बन्ध में धारणा

इस कारण यह धारणा बन गई है कि पैरानॉर्मल मशीनें भूत-प्रेत एवं आत्माओं की उपस्थिति जैसी अलौकिक गतिविधियों को मापने वाली मशीनें हैं।

पैरानॉर्मल मशीनों की वास्तविकता

वस्तुतः ये मशीनें अपने आस-पास के वातावरण में विद्युत चुम्बकीय क्षेत्र (EMF) के अचानक बदलाव, असामान्य ध्वनि (EVP), तापमान में गिरावट, या दृश्य विसंगतियों (शैडो) को डिटेक्ट करती हैं। EMF Meters – Warwick University और K2 Meters – A Night Among Ghosts के माध्यम से, ये डिवाइस रेडिएशन के स्तर को मापकर अदृश्य ऊर्जा के होने का संकेत देती हैं। 

पैरानॉर्मल मशीनें और उनकी कार्यप्रणाली

पैरानॉर्मल मशीनें विशिष्ट वैज्ञानिक विधि से कार्य करती हैं। यहाँ प्रमुख मशीनों की कार्यप्रणाली दी गई है:

  • EMF मीटर (K2 Meter): ये मशीनें विद्युत चुम्बकीय क्षेत्रों में अचानक उतार-चढ़ाव को मापती हैं। अगर कोई स्पष्ट विद्युत स्रोत (जैसे तार या उपकरण) न होने पर भी मीटर हाई EMF रीडिंग दिखाता है, तो इसे आत्माओं की उपस्थिति का संकेत माना जाता है।
  • तापमान मापने वाली बंदूकें (Temperature Guns): ये भूतिया स्थानों पर ठंडी हवा (cold spots) का पता लगाती हैं, जिसे अक्सर किसी साये या ऊर्जा की उपस्थिति का संकेत माना जाता है।
  • EVP रिकॉर्डर (Electronic Voice Phenomenon): ये साधारण साउंड रिकॉर्डर से भिन्न होते हैं और सूक्ष्म से सूक्ष्म ध्वनियों को पकड़ सकते हैं। इनका उपयोग उन आवाज़ों को रिकॉर्ड करने के लिए किया जाता है जो इंसानी कानों को नहीं सुनाई देतीं।
  • स्पिरिट बॉक्स (Spirit Boxes): ये तेज़ी से AM/FM रेडियो आवृत्तियों (रेडियो फ्रीक्वेंसी ) को तेजी से स्कैन करते हैं, जिससे सफ़ेद शोर (white noise) पैदा होता है। माना जाता है कि आत्माएं इन आवृत्तियों का उपयोग करके बात कर सकती हैं। इन मशीनों में बीच-बीच में आने वाली आवाज़ों को आत्माओं का संदेश माना जाता है।
  • इंफ्रारेड कैमरे (Infrared Cameras): ये रात में या अंधेरे में तापमान में बदलाव और छाया जैसी विसंगतियों (shadow anomalies) को रिकॉर्ड करते हैं, जो सामान्य कैमरे में नहीं दिखतीं। इन मशीनों के माध्यम से अनदेखी आकृतियों या रोशनी को कैप्चर करने का प्रयास किया जाता है।
  • मोशन सेंसर / REM Pod :मोशन सेंसर तापमान के छोटे-छोटे बदलावों को दिखाता है। अचानक ठंडे या गर्म धब्बे को “स्पिरिट प्रेज़ेन्स” माना जाता है।

निष्कर्ष

  • वैज्ञानिक दृष्टिकोण से: ये मशीनें केवल भौतिक बदलाव मापती हैं।
  • पैरानॉर्मल व्याख्या: जब कोई असामान्य बदलाव मिलता है, तो उसे आत्मा या अलौकिक गतिविधि से जोड़ा जाता है।
  • संदेह और विवाद: वैज्ञानिक समुदाय इन उपकरणों को अलौकिक प्रमाण  नहीं मानता, बल्कि इन्हें केवल पर्यावरणीय डेटा रिकॉर्डर मानता है।
  • इन उपकरणों द्वारा ली गई रीडिंग को वैज्ञानिक रूप से सीधे भूत-प्रेत से नहीं जोड़ा जाता है, क्योंकि ये सामान्य विद्युत या पर्यावरणीय कारणों से भी प्रभावित हो सकते हैं। 
  • लोकप्रियता: टीवी शो, यूट्यूब चैनल और शौकिया “घोस्ट हंटर्स” इन मशीनों का खूब इस्तेमाल करते हैं।

यह भी देखें-

क्वाण्टम ब्रह्माण्ड और वेदान्त

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