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विविध तीर्थ कल्प : अद्वितीय जैन तीर्थ-ग्रंथ
भारतीय संस्कृति में तीर्थों का विशेष महत्व है। तीर्थ केवल आस्था, दर्शन और संस्कृति के जीवंत केंद्र हैं। जैन धर्म में तीर्थों की परंपरा...
मूर्ति-निर्माण के लिए शिला परीक्षण
हयशीर्ष पांचरात्र के अनुसार मूर्ति-निर्माण के लिए शिला परीक्षण (पत्थरों का चयन) मंदिर निर्माण और मूर्ति विज्ञान का सबसे महत्वपूर्ण प्रारंभिक चरण है। शास्त्रों...
दशताल विधि से मूर्ति-अनुपात निर्धारण
हयशीर्ष पांचरात्र (Hayashirsha Pancharatra) की दशताल विधि (Dashtal) पर एक विशेष तकनीकी लेख। यह लेख मूर्तिकला के उन सूक्ष्म गणितीय नियमों को उजागर करता...
निगम आगम और पुराण : सनातन धर्म और हिन्दू संस्कृति के आधार स्तंभ
सनातन धर्म (Sanatan Dharma) और हिन्दू संस्कृति (Hindu Culture) के मूल आधार स्तंभों को यदि समझना हो, तो हमें निगम आगम और पुराण के...
शैव सिद्धांत एवं शैव आगम
शैव सिद्धांत (Shaiva Siddhanta) शैव दर्शन की सबसे प्राचीन और प्रभावशाली शाखाओं में से एक है। यह मुख्य रूप से दक्षिण भारत (विशेषकर तमिलनाडु)...
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