भगवद्भक्ति की अवधारणा MCQ : प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए “भगवद्भक्ति की अवधारणा” विषय पर 70 बहुविकल्पीय प्रश्न। सही विकल्प के अंत में ✅ हरा टिक मार्क है।
1. ऋग्वेद में किस प्रकार की सामग्री के माध्यम से भगवद्भक्ति की प्रारम्भिक अवधारणा दिखाई देती है?
a) सामाजिक नियम
b) युद्ध वर्णन
c) ईश्वर की स्तुतियाँ ✅
d) भूगोल का वर्णन
2. भगवद्भक्ति की अवधारणा का ‘बीज’ सर्वप्रथम कहाँ उपलब्ध माना गया है?
a) पुराणों में
b) उपनिषदों में
c) वेदों में ✅
d) स्मृतियों में
3. उपनिषद काल में भगवद्भक्ति की अवधारणा की क्या स्थिति हुई?
a) नष्ट हो गई
b) हरे-भरे पौधे के रूप में विकसित हुई ✅
c) स्थिर रही
d) केवल नाम मात्र रह गई
4. भगवद्भक्ति की अवधारणा को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने का श्रेय किसे दिया गया है?
a) शंकराचार्य
b) बादरायण के ब्रह्मसूत्र को ✅
c) रामानुजाचार्य को
d) बुद्ध को
5. श्रीमद्भगवद्गीता ने भगवद्भक्ति रूपी पौधे के साथ क्या किया?
a) उसे नष्ट कर दिया
b) उसे स्थिर कर दिया
c) उसे वैचारिक एवं दार्शनिक खाद-पानी दी ✅
d) उसे नजरअंदाज किया
6. गीता में भगवान कृष्ण के कथन ‘सर्वधर्मान् परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज’ का मुख्य भाव क्या है?
a) सभी धर्मों का विरोध
b) केवल ज्ञान की उपासना
c) ईश्वर की शरण और भक्ति का आग्रह ✅
d) केवल कर्म का महत्व
7. भगवद्गीता का कौन-सा अध्याय विशेष रूप से भक्ति के सौम्य निरूपण के लिए प्रसिद्ध है?
a) तीसरा अध्याय
b) छठा अध्याय
c) बारहवाँ अध्याय ✅
d) अठारहवाँ अध्याय
8. छठी शताब्दी ईसा पूर्व में किससे भक्ति रूपी वृक्ष कुछ सूखने लगा?
a) गुप्त शासकों से
b) मौर्य शासकों से
c) बौद्धों और जैनियों के धार्मिक आंदोलनों से ✅
d) मुसलमान शासकों से
9. किन राजवंशों के समय में भक्ति रूपी वृक्ष का पुनः उद्धार हुआ?
a) नन्द, मौर्य, कुषाण
b) शुंग, कण्व, सातवाहन, गुप्त ✅
c) पाल, सेन, चोल
d) चालुक्य, राष्ट्रकूट, चालोल
10. शुंग काल की समयावधि क्या मानी गई है?
a) ई.पू. 200–100
b) ई.पू. 184–ई.पू. 72 ✅
c) ई. 320–500
d) ई. 100–300
11. शुंगकाल में मुख्यतः किस प्रकार के ग्रंथों की रचना हुई?
a) उपनिषद
b) वेद
c) सूत्र-ग्रंथ एवं स्मृतियाँ ✅
d) केवल पुराण
12. गुप्तकाल में किस प्रकार के साहित्य की रचना विशेष रूप से हुई जो भक्ति-ग्रंथ माने जाते हैं?
a) केवल वेद
b) केवल उपनिषद
c) विविध पुराण ✅
d) केवल नाटक
13. गुप्तकाल के पुराण मुख्यतः किसकी भक्ति का उपदेश देते हैं?
a) ब्रह्मा की
b) इन्द्र की
c) विष्णु और उसके अवतारों की ✅
d) सूर्य की
14. भागवत पुराण के अनुसार ब्रह्म की आनंदमय अवस्था को कैसे प्राप्त किया जा सकता है?
a) केवल यज्ञ द्वारा
b) केवल तपस्या से
c) केवल दान से
d) भगवान को पूर्ण आत्मसमर्पण करके ✅
15. विभिन्न पुराणों के माध्यम से किस धर्म की विविध शाखाएँ आकार लेती हैं?
a) शैव धर्म
b) शाक्त धर्म
c) वैष्णव धर्म ✅
d) बौद्ध धर्म
16. परवर्ती गुप्त शासकों पुरुगुप्त से विष्णुगुप्त तक की नीति से भक्ति धर्म पर क्या प्रभाव पड़ा?
a) भक्ति अत्यधिक प्रबल हो गई
b) भक्ति धर्म का पौधा फिर मुरझाने लगा ✅
c) भक्ति का स्वरूप बदलकर ज्ञान हुआ
d) भक्ति और बौद्ध समान रूप से बढ़े
17. परवर्ती गुप्त शासकों ने किस धर्म को आश्रय दिया?
a) जैन धर्म
b) बौद्ध धर्म ✅
c) ईसाई धर्म
d) सिख धर्म
18. आठवीं शताब्दी ईस्वी में शंकराचार्य ने किस मत का खण्डन किया?
a) जैन मत
b) मीमांसा मत
c) बौद्ध मत ✅
d) सांख्य मत
19. शंकराचार्य ने किसको जगत् का आधार बताया?
a) प्रकृति
b) जीव
c) ब्रह्म ✅
d) मन
20. ‘भज गोविन्दम् भज गोविन्दम्, गोविन्दम् भज मूढ़मते’ उद्घोष के माध्यम से क्या किया गया?
a) कर्मयोग का प्रचार
b) ज्ञानयोग का खंडन
c) भगवद्भक्ति की अवरुद्ध धारा को पुनः प्रवाहित किया ✅
d) संन्यास की निंदा
21. शंकर के ‘ब्रह्म’ की कौन-सी सीमा भक्तों के लिए समस्या बनी?
a) वह सगुण और साकार है
b) वह लौकिक है
c) वह भक्तों की करुण पुकार सुनने के लिए उपलब्ध नहीं था ✅
d) वह केवल कर्मप्रधान है
22. शंकराचार्य के बाद अधिकांश आचार्यों ने उनके अद्वैत मत के साथ क्या किया?
a) पूर्णतः स्वीकार किया
b) उसे नज़रअंदाज़ किया
c) उसका खण्डन एवं मण्डन कर भक्ति को ज्ञान की काराओं से मुक्त किया ✅
d) उसे राजनीतिक मत बना दिया
23. शंकराचार्य के बाद दक्षिण भारत में कौन-सी भक्ति धारा प्रकट हुई?
a) निर्गुण भक्ति
b) शैव भक्ति
c) सगुण वैष्णव-भक्ति ✅
d) सूफी भक्ति
24. आलवार और नयनार संतों ने भक्ति को जनसामान्य तक कैसे पहुँचाया?
a) केवल दार्शनिक ग्रंथ लिखकर
b) संस्कृत श्लोकों द्वारा
c) लोकभाषा में गीत रचकर ✅
d) यज्ञों का आयोजन कर
25. आलवार संत मुख्यतः किस देवता के आराधक थे?
a) शिव के
b) विष्णु के ✅
c) देवी के
d) सूर्य के
26. नयनार संतों ने किसकी उपासना का मार्ग प्रस्तुत किया?
a) विष्णु की
b) गणेश की
c) ब्रह्मा की
d) शिव की ✅
27. नयनार संत भगवान शिव को किस रूप में प्रस्तुत करते थे?
a) दण्ड देने वाले न्यायाधीश के रूप में
b) भयप्रद देवता के रूप में
c) प्रेमपात्री के रूप में ✅
d) केवल योगी के रूप में
28. आलवार एवं नयनार संतों का काल लगभग कितने समय तक माना गया है?
a) 100–200 वर्ष
b) 200–300 वर्ष
c) 800–900 वर्ष ✅
d) 50–60 वर्ष
29. लेख के अनुसार आलवार एवं नयनार संतों की एक प्रमुख विशेषता क्या थी?
a) अत्यधिक विद्वान और राजनैतिक थे
b) कम शिक्षित थे और साधारण जीवन जीते थे ✅
c) केवल राजदरबार में रहते थे
d) केवल गुप्त रूप से साधना करते थे
30. दक्षिण से आई भक्ति की फुहारों के सहारे किस काल के आसपास हिन्दू-धर्मरूपी वटवृक्ष पुनः लहलहा उठा?
a) नवमी शताब्दी
b) ग्यारहवीं शताब्दी ✅
c) तेरहवीं शताब्दी
d) पंद्रहवीं शताब्दी



