Thursday, February 29, 2024
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85. हसन गंगू

आज जिस भूभाग को महाराष्ट्र के नाम से जाना जाता है, किसी समय उस भूभाग पर देवगिरि नाम का एक अत्यंत प्राचीन राज्य स्थित था। ई. 1306 में अल्लाउदीन खिलजी के गुलाम मलिक काफूर ने देवगिरि के राजा रामचंद्र और उसके परिवार को कैद करके दिल्ली भेज दिया था और देवगिरि को दिल्ली सल्तनत में शामिल कर लिया था। तब से दक्षिण में मुस्लिम शासन का आरंभ हुआ। इसी देवगिरि में हसन गंगू नाम के एक शिया मुसलमान का जन्म हुआ। बड़े होने पर उसने एक ब्राह्मण के यहाँ नौकरी कर ली। एक दिन उस ब्राह्मण ने हसनगंगू की भाग्य रेखाओं को देखकर बताया कि एक दिन तू इस प्रदेश का राजा बनेगा। उसी ब्राह्मण के निर्देश पर हसन गंगू मुहम्मद बिन तुगलक की सेना में भर्ती हो गया और शीघ्र ही वह दक्षिण भारत में दिल्ली सल्तनत का सबसे विश्वस्त आदमी बन गया।

ई. 1347 में देवगिरि का सुल्तान मर गया। स्थितियाँ कुछ इस तरह की बनीं कि हसन गंगू हसन अब्दुल मुजफ्फर अलाउद्दीन बहमनशाह के नाम से देवगिरि का राजा बन गया और उसने अपने ब्राह्मण स्वामी के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने के लिये अपने नवनिर्मित राज्य का नाम बहमनी राज्य रख दिया। अपने उसी पुराने ब्राह्मण स्वामी को हसन ने अपना प्रधानमंत्री बनाया।

हसन गंगू के वंशज एक से बढ़कर एक क्रूर और अत्याचारी सुल्तान हुए तथा उन्होंने अपनी पूरी शक्ति अपने पड़ौसी विजयनगर साम्राज्य को कुचलने में लगाई। ई. 1422 में अहमदशाह बहमनी राज्य का सुल्तान हुआ। वह हसनगंगू की पांचवी पीढ़ी में था। उसने विजयनगर पर आक्रमण करके बीस हजार स्त्री पुरुषों को मौत के घाट उतारा। प्रजा की रक्षा के लिये राजा देवराय को उसकी अधीनता स्वीकार करनी पड़ी। ई. 1461 में हसन गंगू की सातवीं पीढ़ी मे उत्पन्न हुमायूँ बहमनी राज्य का सुल्तान हुआ। वह क्रूरता की जीती जागती मिसाल था। उसे इतिहास में जालिम हुमायूँ कहा गया है। उसके अमीर जब प्रातः उसे सलाम करने जाते थे तो अपने बच्चों से अंतिम विदा लेकर जाते थे क्योंकि उनके वापिस जीवित लौटने की निश्चितता नहीं थी। वह कुसूरवार को ही नहीं अपितु उसके पूरे परिवार को मौत के घाट उतार देता था।

हसन खाँ गंगू के वंशज पौने दो सौ साल तक बहमनी राज्य पर शासन करते रहे। ई. 1538 में इस वंश के अंतिम सुल्तान कलीमुल्ला शाह की मृत्यु के बाद उसका बेटा इलहमातउल्ला वेश बदल कर मक्का भाग गया। उसके बाद बहमनी राज्य पाँच राज्यों में विभक्त हो गया। पहला राज्य अहमदनगर, दूसरा खानदेश, तीसरा बीजापुर, चौथा बरार और पाँचवा गोलकुण्डा। इन पाँचों राज्यों में मुस्लिम शासक राज्य करने लगे। वे सब के सब अपने आप को बादशाह कहते थे।

Dr. Mohanlal Gupta
Dr. Mohanlal Gupta
Dr. Mohan Lal Gupta is a renowned historian from India. He has written more than 100 books on various subjects.

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