Sunday, June 23, 2024
spot_img

51. पटेल ने कहा, जब तोपों से गोले बरसते हैं, तभी इतिहास बनता है!

गांधीजी ने सविनय अवज्ञा आंदोलन की घोषणा की तथा साबरमती से दाण्डी तक की पैदल यात्रा करके नमक कानून तोड़ने का कार्यक्रम बनाया। यह यात्रा 12 मार्च 1930 को आरम्भ होनी थी। गांधी ने इसे सफल बनाने की पूरी जिम्मेदारी सरदार पटेल पर डाल दी।

सरदार अपना झोला उठाकर गुजरात के दौरे पर निकल गये और गांव-गांव जाकर उन्होंने गांधी की दाण्डी यात्रा की जानकारी दी तथा लोगों को सविनय अवज्ञा आंदोलन के महत्त्व के बारे में समझाया। उन्होंने अपने ओजस्वी वक्तव्यों से पूरे गुजरात में धूम मचा दी। वे लोगों को घरों से निकलकर स्वतंत्रता आंदोलन में कूदने को कहते- ‘दुनिया आपसे सवाल करेगी कि आपने क्या किया ?

मैं किसानों और दूसरों से पूछता हूँ कि आपकी ईश्वर में या स्वयं में आस्था है या नहीं ? क्या आप नहीं जानते कि जो जन्मा है, वह एक दिन अवश्य मरेगा। मौत से कोई नहीं बच सकता। इसलिए मरना है तो बहादुरों की मौत मरो। कायरों की नहीं। जब तोपों से गोले बरसते हैं, हवाई जहाजों से बम गिरते हैं, हजारों की संख्या में लोग मरते हैं, तभी इतिहास बनता है।

वह दिन हमारे यहाँ कब आएगा ? वह दिन तभी आयेगा जब एक भी गुजराती, सरकार का साथ नहीं देगा। हम साबरमती के संत की बात को समझ लें तो यह सब आसान हो जायेगा। आवश्यकता इस बात की है कि आप अधिक से अधिक संख्या में गिरफ्तारियां दें।’

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

21,585FansLike
2,651FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles

// disable viewing page source