Thursday, February 22, 2024
spot_img

181. कुंवरसिंह ने मरने से पहले अपना झण्डा महल पर चढ़ा दिया!

जब ई.1857 के आरम्भ में पेशवा नाना साहब (द्वितीय) तीर्थयात्रा पर गया था, तब उसने लखनऊ में बिहार की जगदीशपुर जमींदारी के 80 वर्षीय जागीरदार कुंवरसिंह से भी भेंट की थी। कुंवरसिंह की जमींदारी काफी बड़ी थी किन्तु अँग्रेजों ने उसे दिवालिया होने की स्थिति में पहुंचा दिया था।

वीर कुंवर सिंह का जन्म 23 अप्रेल 1777 को भोजपुर जिले के जगदीशपुर गांव में हुआ था। कुंवरसिंह का पिता बाबू साहबजादा सिंह भोज शासकों का वंशज था। वीर कुंवर सिंह बिहार में 1857 की क्रांति का महानायक था। वह अत्यंत न्यायप्रिय, साहसी और स्वाभिमानी व्यक्ति था किंतु उसकी जागीर को अंग्रेजों ने अन्याय पूर्वक हड़प लिया था। उसे भारतीय इतिहास में 80 वर्ष की आयु में युद्ध के मैदान में आकर लड़ने तथा विजय प्राप्त करने के लिए जाना जाता है।

TO PURCHASE THIS BOOK, PLEASE CLICK THIS PHOTO

वीर कुंवर सिंह ने 27 अप्रैल 1857 को दानापुर के सिपाहियों, भोजपुरी जवानों और अन्य साथियों के साथ आरा नगर पर कब्जा कर लिया। कम्पनी सरकार की सेना ने भोजपुर के क्रांतिकारी सैनिकों पर हमला किया किंतु भोजपुर लम्बे समय तक स्वतंत्र रहा।

पूरे आलेख के लिए देखें यह वी-ब्लॉग-

Dr. Mohanlal Gupta
Dr. Mohanlal Gupta
Dr. Mohan Lal Gupta is a renowned historian from India. He has written more than 100 books on various subjects.

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

21,585FansLike
2,651FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles

// disable viewing page source