Thursday, February 22, 2024
spot_img
Home Tags Consipracy against indian union

Tag: consipracy against indian union

- Advertisement -

Latest articles

मैं भी जाट हूँ

मैं भी जाट हूँ

0
एक बार ब्रिटिश संसद के अध्यक्ष बर्नाड वैदरहिल भारत की लोकसभा के अध्यक्ष डॉ. बलराम जाखड़ से कहा था कि मैं भी जाट हूँ। यह किस्सा सुनाने से पहले हम राजस्थान के एक गांव में रहने वाली सुनहरी बालों वाली लड़की का किस्सा जानते हैं।
जाट कौन हैं

जाट कौन हैं – कहाँ से आए हैं!

0
जाट कौन हैं - कहाँ से आए हैं! इस प्रश्न का उत्तर ढूंढना आसान नहीं है। यह एक प्राचीन भारतीय जाति है। भारत की...

क्या गुर्जर जनजाति है!

0
भारत में गुर्जरों का अधिवास बड़ी संख्या में पाया जाता है। यह जाति कश्मीर की घाटियों से लेकर, पंजाब की नदी क्षेत्रों, राजस्थान के मैदानों तथा नीचे मध्यप्रदेश आदि प्रांतों में पाई जाती है।

भारतीय दर्शन परम्परा

0
भारतीय दर्शन परम्परा षड्दर्शन के रूप में प्रकट हुई। दर्शन के ये समस्त छः अंग  अर्थात् सांख्य, योग, न्याय, मीमांसा, वेदांत और वैशेषिक; पूर्णतः आस्तिक हैं अर्थात् वे वेदों को प्रामाणिक मानते हैं। मीमांसा को छोड़कर अन्य सभी दर्शन ईश्वर की सत्ता को स्वीकार करते हैं।
Ramanujacharya

विशिष्टाद्वैत के प्रवर्तक रामानुजाचार्य

0
यामुनाचार्य के पश्चात रामानुजाचार्य ने वैष्णव तत्व के प्रचार-प्रसार को तमिलनाडु से बाहर भी फैलाया तथा कर्नाटक के तोण्डसुर में जयस्तम्भ स्थापित किया। रामानुजाचार्य ने तमिलनाडु में श्रीरंगम के रंगनाथ (विष्णु) मंदिर में आचार्य पद पर अधिष्ठित रहते हुए मन्दिर में सेवा-अर्चा एवं अन्य व्यवस्थाओं से संबंधित नियमों का निर्धारण किया।
// disable viewing page source