इस उपन्यास में अकबर के प्रधान सेनापति अब्दुर्रहीम खनाखाना की जिंदगी को आधार बनाया गया है जो हिन्दी के सबसे बड़े कवियों में से एक हैं तथा भगवान श्रीकृष्ण के ऐसे भक्तों में सम्मिलित किए जाते हैं जिन्हें भगवान ने स्वयं दर्शन दिए!
राजतरंगिणी कल्हण द्वारा रचित संस्कृत ग्रंथ है जो कश्मीर का प्रामाणिक इतिहास प्रस्तुत करता है। जानिए इसकी रचना, महत्व और साहित्यिक विशेषताएँ।
परिचय
भारतीय इतिहास में...